January 15, 2026

Devsaral Darpan

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उत्तराखण्ड – डॉल्फिन के संरक्षण को लेकर चल रही कोशिश, बेहतर ढंग रेस्क्यू करने को लेकर तेज हुए प्रयास ।।

उत्तराखण्ड; डॉल्फिन के संरक्षण को लेकर कोशिश चल रही है। इसके अलावा रेस्क्यू को और बेहतर ढंग से करने को लेकर भी प्रयास तेज हुए हैं। रेस्क्यू किए जाने वाले डॉल्फिन के स्वास्थ्य की जांच आदि के लिए खास रेस्क्यू एंबुलेंस को तैयार किया गया है, इसमें एक्सरे-ईसीजी जैसी जांच सुविधाओं से लैस किया गया है।

भारतीय वन्यजीव संस्थान से मंगलवार को डॉल्फिन एंबुलेंस को जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने रवाना किया था। इस एंबुलेंस में कई चिकित्सा सुविधाओं को जुटाया गया है। टीएस फाउंडेशन इंडिया संस्था की बायोलाॅजिस्ट सुप्रिया दत्ता बताती हैं कि उनकी संस्था डॉल्फिन, घड़ियाल समेत अन्य जलीय जीवों के संरक्षण, अध्ययन के क्षेत्र में काम करती है।

वे बताती है कि संस्था ने यूपी में 2013 से 41 डॉल्फिन को रेस्क्यू किया गया है। अभी तक यह काम ट्रक के जरिए होता रहा है। इस एंबुलेंस के माध्यम से रेस्क्यू किया जाएगा। बताया कि एंबुलेंस को कई सुविधा से लैस किया गया है। इसमें स्ट्रेचर है, डॉल्फिन जलीय जीव है उस पर पानी के छिड़काव के लिए 500 लीटर टैंक और शॉवर की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा की एंबुलेंस में ईसीजी, एक्सरे की सुविधा है। ब्लड एनालिसिस करने समेत अन्य सुविधा है। इसमें पशु चिकित्सक भी होंगे। जिनके माध्यम से जरूरत होने पर इलाज भी किया जा सकेगा। यह डॉल्फिन को लेकर अपने तरह की पहली एंबुलेंस है। भारतीय वन्यजीव संस्थान के डॉ. विपल मौर्य कहते हैं कि यूपी की बात करें तो यहां पर नदियों से नहर में कई बार डॉल्फिन पहुंच जाती है, जो पानी कम होने पर फंस जाती है, जिनको रेस्क्यू करने की जरूरत पड़ती है।

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