उत्तराखण्ड; दून मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से रैगिंग की घटना सामने आई है। इस बार एमबीबीएस नहीं बल्कि स्नातकोत्तर (पीजी) कर रहे सीनियर डॉक्टरों ने जूनियर के साथ रैगिंग की है।
जानकारी के मुताबिक घटना 19 अगस्त की है। एनॉटॉमी विभाग के पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टर ने डिसेक्शन हॉल में ड्यूटी के दौरान एक ग्लास से पानी पी लिया था। पीड़ित के अनुसार यह कॉमन ग्लास थे जिसमें सभी लोग पानी पीते थे। इस पर सीनियर भड़क गए। उन्होंने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। सीनियर डॉक्टर ने धमकी भी दी। साथ ही मनगढ़ंत कहानी बनाकर उन्हीं के खिलाफ विभागाध्यक्ष को शिकायत कर दी। इसकी जानकारी उन्होंने अपनी मां को दी तो मां ने सीनियर से बात करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं उठा। पीड़ित ने बताया कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था। ऐसे में उसने मां की सहमति से एनएमसी में शिकायत की है।
150 एमबीबीएस डॉक्टरों के सामने दुर्व्यवहार करने का आरोप : पीड़ित के मुताबिक गत दिनों वह एमबीबीएस छात्रों की कक्षा में पढ़ा रहा था। इस दौरान सीनियर डॉक्टरों ने जूनियर छात्रों के सामने ही उनके साथ दुर्व्यवहार किया। गाली-गलौज भी की। इस घटना के बाद से वह बेहद क्षुब्ध था। जूनियर छात्रों के सामने जाने में उसे शर्म आती है। वह इसकी वजह से मानसिक तौर पर काफी परेशान है। ऐसे में उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन को शिकायत दी थी लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
