December 23, 2024

Devsaral Darpan

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देहरादून- पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से नाथूराम गोडसे को राष्ट्रभक्त कहने पर प्रदेश की राजनीति हुई है गरमाई, युवक कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए विरोध में उनके आवास की ओर किया कूच !!

देहरादून;  पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नाथूराम गोडसे पर दिए गए बयान को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। उनके बयान के विरोध में युवा कांग्रेसियों ने उनके डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास का घेराव करने निकले। लेकिन उनके धमकने से पहले ही त्रिवेंद्र के आवास पर उनके समर्थकों ने डेरा जमा दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के समर्थन में नारेबाजी की। उधर, घेराव करने पहुंचे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पूर्व सीएम के आवास तक जाने से पहले ही रोक दिया। वे डिफेंस कॉलोनी गेट तक ही पहुंच पाए। त्रिवेंद्र रावत के आवास पर धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, मेयर सुनील उनियाल गामा समेत कई कार्यकर्ता व समर्थक सुबह आठ बजे ही पहुंच गए थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं।

गोडसे पर नो कमेंट, कांग्रेस पर बरसे : पूर्व मुख्यमंत्री ने गोडसे वाले बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अब उस पर कुछ नहीं कहना है। वह किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं। अलबत्ता उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेसियों को फ्रीडम एट मिडनाइट और सत्य के साथ मेरे प्रयोग पुस्तक पढ़ने की सलाह दी।

आजादी के बाद कांग्रेस को खत्म कर देना चाहिए था : कहा, गांधी की विचारधारा की सबसे बड़ी हत्यारी कांग्रेस है। इसलिए कांग्रेस को गांधी जी के बारे में बोलने का अधिकार नहीं है। गांधी जी ने देश की आजादी के समय कहा था कि कांग्रेस को विसर्जित कर देना चाहिए। कांग्रेस को एक सर्वदलीय मंच बताया, जिसमें सभी विचारधारा के लोग शामिल थे। कांग्रेस देश की आजादी के लिए बनी थी। देश आजाद होने के बाद उसकी भूमिका खत्म हो गई थी। इसलिए उसे खत्म कर देना चाहिए। त्रिवेंद्र ने कहा, गांधी जी ने कहा था कि हमें सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि खादी पहननी चाहिए।

त्रिवेंद्र ने गोडसे पर दिया था ये बयान :  नाथूराम गोडसे पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जिस बयान पर बवाल मचा है, वह उन्होंने बलिया में दिया था। उन्होंने अपने बयान में नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। उन्होंने गोडसे पर कहा था, गांधी जी को मारा वो एक अलग मुद्दा है। जहां तक मैंने गोडसे को जाना और पढ़ा है, वह भी एक देशभक्त थे। गांधी जी की जो हत्या हुई, उससे हम सहमत नहीं हैं।

पूर्व सीएम के आवास जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका :  पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से नाथूराम गोडसे को राष्ट्रभक्त कहने पर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। युवक कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए विरोध में उनके आवास की ओर कूच किया। इस दौरान त्रिवेंद्र रावत के साथ ही भाजपा सरकार के विरोध में नारे लगाए गए।

युकां ने एक दिन पहले ही पूर्व सीएम के डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास का घेराव करने का एलान किया था। इसके चलते प्रशासन की ओर से पहले ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सोमवार को युकां प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर के नेतृत्व में जैसे ही युकां कार्यकर्ता विधानसभा रोड से होते हुए आगे बढ़े, पुलिस ने रेलवे फाटक से पहले बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।

इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष भुल्लर ने कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को देशभक्त कहकर राष्ट्रपिता का ही नहीं, देश के सभी स्वाधीनता सेनानियों का अपमान किया है। देर तक बैरिकेडिंग पर नारेबाजी और पुलिस से बहस के बाद कार्यकर्ता बाद में ज्ञापन सौंपकर लौट गए। उन्होंने पूर्व सीएम से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की।

इस मौके पर विधायक रवि बहादुर, मनीष खंडूरी, मोहित उनियाल, जयेंद्र रमोला, विकास नेगी, विनीत प्रसाद भट्ट, मोहन भंडारी, आयुष गुप्ता, मोहित मेहता, सिद्धार्थ वर्मा, अंजलि चमोली, देवेश उनियाल, शुभम चौहान, कार्तिक बिरला, वसीम, सुमित लोहनी, सचिन चौधरी, राहुल प्रताप आदि मौजूद थे।

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