September 10, 2026

Devsaral Darpan

News 24 x 7

उत्तराखंड- फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, गन हाउस का मालिक गिरफ्तार !!

उत्तराखंड;  फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ एसटीएफ ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के आरोपी गन हाउस मालिक शैलेंद्र को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा है। गिरफ्तार आरोपी मेरठ स्थित शिवा शस्त्रागार/गन हाउस का मालिक है। उसने देहरादून में पहले पकड़े गए आरोपी के लिए फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कराने में भूमिका निभाई थी।

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि थाना प्रेमनगर के फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियार बरामद होने के मामले में 15 जनवरी को आरोपी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से फर्जी शस्त्र लाइसेंस, सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। मामले में थाना प्रेमनगर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि मनोज कुमार के शस्त्र लाइसेंस को रिकॉर्ड में पहले सिरसा, फिर मेरठ और बाद में देहरादून स्थानांतरित दर्शाया गया था। जांच के लिए सिरसा जिलाधिकारी कार्यालय से लाइसेंस के संबंध में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि वहां से ऐसा कोई शस्त्र लाइसेंस जारी ही नहीं किया गया था। इसके बाद लाइसेंस पूरी तरह फर्जी पाए जाने की पुष्टि हुई।
जांच आगे बढ़ने पर फर्जी लाइसेंस तैयार कराने में मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित शिवा शस्त्रागार के मालिक शैलेन्द्र की भूमिका सामने आई। एसटीएफ टीम ने साक्ष्य जुटाने के बाद शैलेन्द्र निवासी गायत्री ग्रीन, बाईपास रोड, कंकरखेड़ा, मेरठ को गिरफ्तार कर लिया। शैलेन्द्र के खिलाफ कंकरखेड़ा थाना मेरठ में भी वर्ष 2024 में एक प्राथमिकी दर्ज है। इसके अलावा प्रेमनगर थाने में वर्ष 2026 में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियार से संबंधित मामले में भी उसका नाम सामने आया है।

कई राज्यों में फैला है नेटवर्क :   एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लेकर उत्तराखंड तक सक्रिय नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के संगठित नेटवर्क में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
news