आज जब पूरा विश्व आर्थिक अनिश्चितताओं, जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब भारत अपनी युवा शक्ति के सामर्थ्य के बल पर नए सपनों और नए लक्ष्यों की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है। भारत की युवा शक्ति किसी बाहरी सोच या मॉडल की मोहताज नहीं है, वह हमारी 5000 वर्ष पुरानी समृद्ध और जीवंत सभ्यता की आधुनिक पहचान है। इनके हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कम्प्यूटिंग और डेटा साइंस जैसी आधुनिक तकनीकों की शक्ति है, तो हृदय में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की संवेदना और मातृभूमि की सेवा का संकल्प भी है।
जॉब सीकर नहीं जॉब क्रिएटर बने युवा : 21वीं सदी में भारत की वास्तविक शक्ति केवल हमारी जनसंख्या नहीं, हमारी ज्ञान-संपन्न युवा ऊर्जा भी है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ के रूप में न देखें, बल्कि उन्हें ‘जॉब क्रिएटर’, शोधकर्ता और राष्ट्र-निर्माता बनने का अवसर दें। भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2024-25 में रोजगार, कौशल विकास और अन्य अवसरों के लिए 2 लाख करोड़ के पैकेज का प्रावधान किया है जिससे करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर सृजित हो रहे हैं।